माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की साधना — धन, समृद्धि और सुख की सम्पूर्ण विधि | Astro Raunak Pandeyy

🕉️ जय माँ आदेश 🕉️
॥ ॐ ॥
माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की साधना
धन, समृद्धि और सुख की सम्पूर्ण विधि
✦ अस्त्रो रौनक पाण्डेय गुरुजी ✦
❧ ❧ ❧
॥ प्रस्तावना ॥
दिवाली पर सनातन धर्म के अनुयायी माता लक्ष्मी और भगवान
कुबेर की पूजा तो करते हैं, किन्तु जिस भावना और विधि से
वह पूजा की जानी चाहिए — वह प्रायः अधूरी रह जाती है।
आज गुरुजी रौनक पाण्डेय इस सम्पूर्ण विषय को स्पष्ट करते हैं।
❧
॥ माता लक्ष्मी — धन की अधिष्ठात्री देवी ॥
जीवन के प्रत्येक क्षेत्र के लिए अलग देवता हैं —
✦ सुरक्षा के लिए — हनुमान जी, माता काली।
✦ भय-मुक्ति के लिए — भगवान भैरव।
✦ पारिवारिक सुख-शांति के लिए — शिव-पार्वती।
✦ धन-समृद्धि के लिए — माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर।
माता लक्ष्मी का अवतरण समुद्र मंथन के समय हुआ था।
उन्होंने स्वयं भगवान नारायण का वरण किया।
"भगवान इंद्र द्वारा की गई माता लक्ष्मी की स्तुति
विष्णु पुराण में वर्णित है। जो व्यक्ति इसका
प्रतिदिन पाठ करता है — उस पर माता की
अपार कृपा होती है।"
❧
॥ माता लक्ष्मी के विविध स्वरूप ॥
🪷 अष्ट लक्ष्मी
वैभव लक्ष्मी, अक्षय लक्ष्मी सहित आठ स्वरूप।
अक्षय लक्ष्मी की पूजा अक्षय तृतीया पर होती है।
🔱 माता कमला
तंत्र की लक्ष्मी। दस महाविद्याओं में से एक।
🌑 आसुरी लक्ष्मी एवं अघोर लक्ष्मी
जो सात्विक नियम नहीं पाल सकते, उनके लिए
भी परमात्मा ने व्यवस्था रखी है।
अघोर लक्ष्मी के हवन मात्र से शीघ्र फल मिलता है।
❧
॥ स्वर्णाकर्षण भैरव — धन की वर्षा करने वाले ॥
देव-असुर संग्राम में देवताओं के पास धन की कमी पड़ गई।
शिव जी ने कहा —
"मेरा ही एक स्वरूप है भैरव का।
तुम जाकर उनकी उपासना करो।"
माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर ने भगवान भैरव की साधना की।
तब भैरव जी ने धन की वर्षा की।
तब से उस स्वरूप को स्वर्णाकर्षण भैरव कहा जाता है।
इनकी स्तुति और अष्टक का नियमित पाठ करने से
धन की प्राप्ति होती है।
❧
॥ पूजा का फल क्यों नहीं मिलता? ॥
⚠ प्रथम भूल — संकल्प न लेना
हाथ में जल और चावल लेकर बोलें —
"हे माँ, मैं धन की कामना से आपके मंत्रों का
जाप कर रहा हूँ।"
बिना मांगे माता कुछ नहीं देतीं।
⚠ द्वितीय भूल — संकल्प न छोड़ना
पूजा के अन्त में हाथ में जल-चावल लेकर बोलें —
"यह जो कर्म मैंने किया है, इसका पूरा फल
मुझे प्राप्त हो। और यह मैं माता को
समर्पित करता हूँ।"
तेरा तुझको अर्पण।
⚠ तृतीय भूल — तंत्र, मंत्र, यंत्र में से कोई एक छूटना
तीनों का समन्वय अनिवार्य है।
❧
॥ तंत्र + मंत्र + यंत्र — सम्पूर्ण त्रिकोण ॥
✦ यंत्र — माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की मूर्ति
(2.5 से 9 इंच, लाल आसन पर)।
✦ मंत्र — जाप, स्तुति, या सूक्त पाठ।
✦ तंत्र — संकल्प लेना-छोड़ना, भोग लगाना,
दीप दिखाना, आरती — सम्पूर्ण विधि।
❧
॥ दिव्य मंत्र — धन, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए ॥
ॐ श्री लक्ष्मीभ्यो धन आरोग्य देहि स्वाहा
यह मंत्र नियमित रूप से माता लक्ष्मी की पूजा के
पश्चात् जाप करें।
धन का आगमन होगा, धन टिकेगा और
स्वास्थ्य की भी प्राप्ति होगी।
❧
॥ 21 दिन और 40 दिन की साधना ॥
✦ ब्रह्म मुहूर्त में (3:30 से 6-7 बजे तक) —
प्रतिदिन 2.5 से 3 घंटे।
✦ दोनों देवताओं के मंत्रों का एकसाथ जाप।
✦ शुक्रवार, अमावस्या और पूर्णिमा — विशेष दिन।
✦ दिवाली के बाद भी साधना प्रारम्भ की जा सकती है।
❧
॥ घर में माता लक्ष्मी का स्थायी आगमन ॥
✦ घर सदैव स्वच्छ और सुगन्धित रखें।
✦ देहलीज की सफाई विशेष रूप से करें।
✦ रसोई घर साफ रहे — अत्यन्त आवश्यक है।
✦ बॉडी और मुंह से कभी दुर्गन्ध न आए।
इलायची या लौंग चबाते रहें।
✦ अभिमंत्रित इत्र से सम्मोहन शक्ति बढ़ती है।
"पैसा होना मात्र पर्याप्त नहीं।
परिवार के साथ भोजन करना, घूमना-फिरना,
दान करना — यही वास्तविक लक्ष्मी कृपा है।"
❧
॥ कमल गट्टे का दिव्य उपाय ॥
🪷 कमल गट्टा — धन आकर्षण उपाय
माता को चढ़ाए गए कमल गट्टों को
लाल कपड़े में रखें।
उस पर इत्र का छिड़काव करें।
इस पोटली को मुख्य द्वार या दुकान पर टांगें।
✦ केवल 11 से 21 दिन तक ही टांगें।
✦ इसके बाद उतारकर विसर्जन करें।
✦ जैसे मुरझाए फूल हटाए जाते हैं —
वैसे ही समय पर हटाना अनिवार्य है।
❧
॥ नियमित पूजा के लिए दिशा-निर्देश ॥
✦ पूजा का एक निश्चित समय बनाएँ।
✦ देवता को उसी समय भोग लगाएँ।
✦ पितृ और कुलदेवी का प्रतिदिन आवाहन करें।
✦ संकल्प लेकर पूजा प्रारम्भ करें।
✦ संकल्प छोड़कर पूजा समाप्त करें।
✦ सायंकाल परिवार मिलकर आरती करें।
✦ तीर्थ स्थलों पर अवश्य जाएँ।
❧
॥ माता लक्ष्मी का दार्शनिक संदेश ॥
माता लक्ष्मी कमल पर विराजमान हैं —
और कमल खिलता है कीचड़ में।
"चाहे जीवन में कितनी भी कठिनाइयाँ हों —
आप वहाँ से भी खिल सकते हैं।
कमल की भाँति।"
धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष — चारों पुरुषार्थ
माता लक्ष्मी की आराधना में समाहित हैं।
❧ ❧ ❧
यह ज्ञान श्री रौनक पाण्डेय गुरुजी के पॉडकास्ट
प्रवचन पर आधारित है।
🕉️ जय माँ आदेश 🕉️